
तारों की भीड़ में
टिमटिमाती तुम
उजाले की अंगीठी में
मेरी फूंक से जलती और
शोला बनती
अंगारे सी मेरी प्रिय
क्या तुम चाँद भी होती हो कभी!
किसी क्षण.......
दुष्यंत (Poet)
भारत-पाक सीमा पर बसे कस्बे केसरीसिंहपुर में जन्में युवा कवि कथाकार हैं. कुछ रचनाओ का दर्जन भर देशी विदेशी भाषाओ में अनुवाद हुआ है, रूसी कवि येवेगनी येव्तुशेंको, जर्मन कवि डिटर बर्दल और लेटिन अमेरिकेन कवि औस्वाल्दो सुमा और जिंगोनिया जिंगोन , मेसिडोनियन कवि निकोल मेदजिरोव, मैक्सिकन कवि गेब्रियला गुतिरेज वाय मुज, अमेरिकेन अरबी कवि मोहम्मद करीमी हकाक की कविताओं का अनुवाद किया है,'शब्दक्रम' के संस्थापक संपादक रहे है .
अडिग (Artist)
राजस्थान के चर्चित प्रयोगशील चित्रकार, साहित्य पाठक, संगीतप्रेमी. चुरू की पैदाइश, . देशविदेश में कलाप्रदर्शनी और गैलरियों में काम शामिल. विभिन्न कला संस्थाओ से जुडाव .
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